Categories: Spine Surgery

नई तकनीक का प्रयोग करके रीढ़ की हड्डी का  सुरक्षित तथा सफल शल्यचिकित्सा

रीढ़ की हड्डी  की शल्यचिकित्सा

रीढ़ की हड्डी की शल्यचिकित्सा शुरू से ही काफी चुनौतीपूर्ण विषय रहा है आज भी मरीज “रीढ़ की हड्डी का शल्यचिकित्सा” नाम सुनते ही डर जाते हैंI कुछ रीढ़ की हड्डी की समस्याएं जैसे रीढ़ का एक ओर का टेढ़ापन (स्कोलियोसिस), काइफ़ो स्कोलियोसिस (रीढ़ की हड्डी में विकृति),सरवाइकल स्टेनोसिस तथा कपाल-हड्डीवाले जगह पर जोड़ के पास होने वाली विसंगतियाँ तथा मेरुदण्ड ट्यूमर काफी गंभीर चुनौती पैदा करती है तथा शल्यचिकित्सा के दौरान तंत्रिकातंत्र संबंधी क्षति होने का खतरा रहता हैI

मेरुदंड की हड्डी के शल्यचिकित्सा में  नए प्रगति होने से हम शल्यचिकित्सा को अधिक सटीकता से कर सकते हैं, जटिलता की घटना में कमी और अपने मरीजों को लगातार अच्छा परिणाम दे सकते हैंI

  • अंतर शल्य चिकित्सा तंत्रिका संबंधी निरीक्षण

यह विधि तंत्रिका तंत्र का शरीर विज्ञान  संबंधी विशेषता, उसका प्रयोग करके शल्यचिकित्सा के पश्चात हुए परिवर्तन को खोजने में मदद करता हैI इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि, रीढ़ की हड्डी की शल्य-चिकित्सा  के समय जो भी तंत्रिका संबंधी आकृतियां  होती हैं, जिस पर कि जोखिम होता है, उसे सीधा रिकार्ड  किया जाता है तथा  निरीक्षण किया जाता हैI

  • पराध्वनिक हड्डी चिकित्सकीय छुरी (अल्ट्रासोनिक बोन स्कालपेल)

अल्ट्रासोनिक बोन स्कालपेल यह एक नया पराध्वनिक शल्यचिकित्सा यंत्र है जिसमें मुलायम ऊतकों को छोड़ते हुए हड्डी को काटा जाता हैI यह चिकित्सकीय छुरी (स्कल्पेल) विशेष तौर पर हड्डी को काटने के लिए प्रयोग में लाया जाता है, यह चिकित्सकीय छुरी संबंधित हड्डी को काटने में बिल्कुल सही रहता है, जहां पर हड्डी को ड्यूरा तथा  तंत्रिका संबंधी ढांचे के समीप काटा जाता हैI

कीहोल तथा कम घातक रीढ़ की हड्डी शल्य चिकित्सा के अनेकों फायदे हैं ,जैसे जल्द स्वास्थ्य लाभ, कम समय तक अस्पताल में प्रवास तथा शल्य चिकित्सा उपरांत कम से कम दर्दI

  • बैलून कायफोप्लॉस्टी

मरीज जिनके रीढ़ के हड्डी का बहुत ही कम टूटना होता है, उन्हें त्वचा के रास्ते जोड़ने वाला तकनीक जिसे की बैलून कायफोप्लॉस्टी कहते हैं, से उपचार किया जाता हैI

  • मार्ग निर्देशन तथा रोबोटिक्स  से रीढ़ की हड्डी  का शल्य चिकित्सा

हाल ही में मार्ग निर्देशन, तथा रोबोटिक्स  से रीढ़ की हड्डी के शल्य चिकित्सा में  नए खोज हुए हैंI इन तकनीकों से संवेदनशील जगहों पर जैसे  क्रानियोवेटेब्रल जंक्शन तथा  विकृत  रीढ़ की हड्डी  प्रत्यारोपण   काफी सुरक्षित तथा सटीक होता हैI

डॉक्टर हुतविज भट्ट, रीढ़ के शल्य चिकित्सा सलाहकार, नारायणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल अहमदाबाद 

Narayana Health

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