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यकृत कार्यक्षमता परीक्षण: एक स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ य कृत का होना बहुत आवश्यक है

मानव शरीर के स्वस्थ कामकाज के लिए यकृत महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह भंडारण, सफाई और संश्लेषण जैसे शरीर के तीन प्रमुख महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल है। एक स्वस्थ यकृत पाचन में सुधार करने में मदद करता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अशुद्धियों को निकालता है, रक्त के थक्के को नियंत्रित करता है, रक्त से विषाणु को हटाता है और हार्मोन के संतुलन को बनाए रखता है।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ यकृत को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है । यकृत कार्यक्षमता परीक्षण (एलएफटी) रक्त परीक्षण का एक हिस्सा है, जो आपके यकृत के स्वास्थ्य को निर्धारित करने में मदद कर सकता  हैं। यह आपके रक्त में प्रोटीन या एंजाइम के स्तर का पता लगाकर यकृत के सूजन या किसी अन्य क्षति की पहचान करने में मदद करता है।

एलएफटी कितने प्रकार के होते हैं ?

एलेनिन ट्रांसमिनेज़ (एएलटी) परीक्षण: यह परीक्षण शरीर में एएलटीके स्तरों को निर्धारित करने के लिए किया जाता है। शरीर में एएलटी का उच्च स्तर यकृत क्षति का लक्षण है।

एल्बुमिन परीक्षण: यह परीक्षण शरीर में एल्ब्यूमिन के स्तर को मापकर यकृत के कामकाज को निर्धारित करने में मदद करता है। एल्बुमिन यकृत द्वारा निर्मित मुख्य प्रोटीन है। एल्ब्यूमिन का निम्न स्तर बताता है कि आपका यकृत ठीक से काम नहीं कर रहा है।

बिलीरुबिन परीक्षण: बिलीरुबिन एक अपशिष्ट उत्पाद है जो यकृत द्वारा संसाधित होता है। बिलीरुबिन परीक्षण द्वारा बिलीरुबिन के स्तर को मापा जा सकता है, जो आपके यकृत के स्वास्थ्य का पता करने में मदद करता है। शरीर में रक्तपदार्थ के उच्च स्तर की उपस्थिति का मतलब है कि आपका यकृत ठीक से काम नहीं कर रहा है।

दो अन्य एलएफटी, एस्पार्टेट ट्रांसएमिनेस (एएसटी) और अल्कलीन फॉस्फेटस (एएलपी) परीक्षण होते हैं जो यकृत का स्वास्थ्य स्तर को मापने के लिए अन्य परीक्षणों के साथ में किए जाते हैं।

यकृत क्रिया परीक्षण की मदद से कौन से रोगों का पता लगाया जा सकता है?

यदि आप वजन कम होने , कमजोरी, मतली, उल्टी, पीलिया, दस्त, पेट दर्द सहित अन्य लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं,तो आपके चिकित्सक आपको एलएफटी के लिए सलाह दे सकते हैं । एलएफटी की मदद से कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। उन बीमारीयों शामिल है:

  • मादक हेपेटाइटिस (अत्यधिक शराब के सेवन से यकृत में गंभीर सूजन का होना)
  • स्व-प्रतिरक्षित (ऑटोइम्यून) हेपेटाइटिस) (स्व-प्रतिरक्षित के विकार के कारण यकृत में सूजन होना)
  • सीलिएक रोग (ग्लूटेन के कारण छोटी आंत में क्षति पहुंचना)
  • (सिरोसिस) (यकृत में घाव के निशान की शुरुआती स्थिति)

आपका चिकित्सक आपको परीक्षण के लिए आने से पहले खाना खाने या किसी भी तरह की दवा लेने से बचने के लिए कह सकता है। फ़ेलेबोटोमिस्ट (परीक्षण के लिए रक्त खींचने के लिए प्रशिक्षित व्यक्ति) परीक्षण में मिलावट से बचने के लिए आपके हाथ को जीवाणु रहित करता है । फिर वह आपकी नसें दिखाई दे, उसके लिए आपके हाथ के चारों ओर एक उपकरण लपेटेगा। तब जाके सुई की मदद से खून निकाला जाता है। रक्त की उचित मात्रा लेने के बाद, फ़्लेबोटोमिस्ट उस जगह पर एक पट्टी लगाएगा जहां से रक्त खींचा गया था।

नारायण स्वास्थ्य केंद्र की कुशल और अनुभवी दल आपके यकृत के स्वास्थ्य का निर्धारण करने के लिए एलएफटी परीक्षण करता है। पौष्टिक आहार खाने और सक्रिय जीवनशैली जीने से अपने यकृत को स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

डॉ अभिषेक जैन, सलाहकार पेट और आंतों के रोग- आयुर्विज्ञान, एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, रायपुर

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