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जीवनशैली में बदलाव जो 20 ,30 और 40 के उम्र के दौरान अपनाना चाहिए।

दिल की बीमारियाँ कभी किसी के साथ हो सकती है, यहाँ तक कि बच्चों में भी कोई भेदभाव नहीं करती हैं। दुनिया भर में स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा किए गए हाल के अध्ययनों के अनुसार, हृदयरोग (सीवीडी) से दुनिया में सबसे ज्यादा मृत्यु होती है, इनसे होने वाली वार्षिक घटना 17.5 मिलियन है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसे अपने तक़दीर के रूप में स्वीकार करते हैं। कोई भी व्यक्ति हृदय की समस्याओं  का शिकार हो सकता है, लेकिन एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने से आपके स्वास्थ्य सहित हृदय की सेहत अधिक समय तक बिलकुल ठीक रहती है। हालांकि आनुवंशिक कारकों जैसे पारिवारिक इतिहास से हृदय रोग, लिंग या उम्र को बदला नहीं जा सकता है, लेकिन आवश्यक निवारक उपाय करने से ख़तरा कम हो सकता है और आपके हृदय की सेहत को बेहतरीन अवस्था में रखा जा सकता है। जीवन की शुरुआत में स्वस्थ जीवन शैली शुरू करने से आपको 60 और उसके आगे के उम्र में भी लाभ होगा। दैनिक दिनचर्या में हर छोटा-बड़ा बदलाव आपके संपूर्ण स्वास्थ्य, लंबे समय में, आपको एक लंबा और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करता है।

आइए हम 20,30 और 40 के दशक में स्वस्थ जीवन के लिए अपनाए जाने वाले जीवनशैली में बदलाव पर एक नज़र डालते हैं।

20 के दशक में में हृदय का स्वास्थ्य

20 का उम्र वह समय होता है जब आप युवा और ऊर्जावान होते हैं। ज्यादातर लोगों के लिए, यह वह समय है जब वे दुनिया के सामने उजागर होते हैं और वे सभी पहलुओं से रूबरू होते हैं। इन वर्षों में आप जिस तरह की आदतें बनाते हैं, वही बाद में आपके जीवन के लिए आधार होगा। इस तथ्य का जिक्र कइयों ने किया है और उसे अमल में भी लाया है। जितनी जल्दी आप एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाते हैं, उतना ही यह आपके हृदय को स्वस्थ रखेगा, आपको 60 और 70 के उम्र में सक्रिय जीवन जीने में सक्षम करेगा।

20 के उम्र में अपने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:

– ऐसे आहार को अपनाएं जो जंकफूड मुक्त हो। हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आप फलों, सब्जियों और

कम प्रोटीन (भुनाहुआ चिकन) का भरपूर सेवन करें। सोडा पीने के बजाय कैलोरी-मुक्त ताजे फलों के रस और पानी को अपने पौष्टिक आहार में शामिल करें।

– सहस्त्राब्दी पीढ़ी काम कि जरूरतों के वजह से हम गतिहीन जीवन व्यतीत कर रहे हैं, इसलिए अपने दैनिक जीवन में व्यायाम को अपनाना महत्वपूर्ण है। कोशिश करें कि लंबे समय तक न बैठें, कभी-कभार काम करने के दौरान टहलने या शरीर को सीधा करने के लिए विराम लें।

– आने वाले वर्षों में आपके कामकाजी जीवन में व्यस्तता आ सकती है, लेकिन कोशिश करें कि अस्वास्थ्यकर आदतों में लिप्त न हों जो आपके स्वास्थ्य को खराब कर देगा। अधिकांश लोग अपने जीवन से तनाव कम करने के लिए धूम्रपान, मदिरा या दवाओं का सेवन करते हैं। इनका सेवन आपको तनाव से अस्थायी राहत देता है लेकिन लंबे समय में, ये आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हुए आपको इन पर निर्भर रखता हैं। यदि आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो इन आदतों में शामिल न हों और साथ ही साथ धूम्रपान, शराब, ड्रग्स आदि के सेवन को ना कहे।

– ज़्यादातर लोगों को अपने काम के लिए अपना अधिकांश समय स्क्रीन के सामने बिताना पड़ता है। चूँकि आप इस बारे में कुछ नहीं कर सकते, तो अनावश्यक स्क्रीनके सामने समय बिताने से रोकने के उपाय तलाश सकते हैं। अपनी आंखों को आराम देने के लिए बीच-बीच में विराम लें, बचाव वाले चश्मे का उपयोग करें और स्क्रीन के सामने जितना हो कम से कम समय व्यतीत करें।

30 और 40 के दशक में हृदय स्वास्थ्य

30 और 40 का समय वह समय होता है जब आप में से अधिकांश को नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारी हो सकता है। अक्सर, इस समय के दौरान, लोग अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं साथ ही साथ खुद के बारे में आखिरी में सोचने लगते हैं। स्वस्थ हृदय और स्वस्थ जीवन बनाए रखने के लिए इन कुछ युक्तियों का पालन करें:

– अच्छी सेहत रहने के वाबजूद भी अपना सालाना स्वास्थ्य परीक्षण उचित समय से करवाएं। अपने आप की रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, रक्त में चीनी की मात्रा, बीएमआई आदि जाँच करवाने से स्वास्थ्य सामान्य-सीमा में हैं या नहीं को निर्धारित करने में मदद मिलेगी।

– तनाव को सामान्य रखने के लिए योग और साँस लेने के व्यायाम अच्छे उपाय हैं। अपने जीवन में रोजाना इन व्यायाम का अभ्यास करें ताकि तनाव को कम किया जा सके और अपने हृदय को स्वस्थ रखा जा सके।

– पर्याप्त नींद स्वस्थ हृदय के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। इस उम्र में 6-8  घंटे की नींद आपके लिए जरूरी है।

– स्वस्थ रहने से सभी बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। अपने व्यस्तता के दिनों में भी हर दिन 30-40  मिनट की तेज चाल न केवल हृदय रोग, मधुमेह के खतरे को कम करने में मदद करेगी बल्कि आपको वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करेगी।

– डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) कहता है कि 18-64 आयु वर्ग के स्वस्थ वयस्कों को स्वस्थ रहने के लिए एक सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि (जैसे चलना या तैरना) करना चाहिए।

– अधिक फल और सब्जियों का सेवन करें साथ ही साथ सोडा और मीठे पेय पदार्थ से बचें।

– खुद को वसायुक्त लाल मांस का सेवन करने से रोकें।

– स्वस्थ हृदय के लिए धूम्रपान और शराब सबसे बड़ी समस्या है। यदि आप धूम्रपान करते हैं तो छोड़ देना चाहिए।- रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, और मधुमेह आदि जैसे रोगों पर हमेशा ध्यान रखें।29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस पर आइए हम हृदय स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाएं। साथ ही साथ हम लोगों से आग्रह करते हैं कि वे अधिक स्वास्थ्यवर्धक खाने का वादा करें, अधिक सक्रिय होने के लिए और धूम्रपान न करने के लिए कहें।डॉ।

गुंडूराव हर्ष जोशी, हृदय रोग विशेषज्ञ, नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल – एचएसआर लेआउट

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