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पित्ताशय की पथरी: सावधानियां और उपचार

प्रश्न 1. पित्त की पथरी क्या है?

पित्त की पथरी पित्ताशय में मौजूद पाचक द्रव (पित्त) का ठोसावस्था में जमा होना है। यह भारत में सामान्य आबादी के 10-20% को प्रभावित करने वाली एक बहुत ही सामान्य बीमारी है।

प्रश्न 2. पित्त की पथरी बनने के क्या कारण हैं?

यदि पित्ताशय में मौजूद पित्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल एंजाइम नहीं घुला पाता है तो यह ठोस बन कर पत्थर का आकार ले लेता है। इसके अलावा अगर पित्त में बहुत अधिक बिलीरुबिन होता है, जैसे यकृत के सिरोसिस या कुछ रक्त विकारों में तो यह पत्थर के गठन का कारक होता है। अंत में, यदि पित्ताशय अच्छी तरह से खाली नहीं होता है, तो इससे ठहराव और पत्थर का गठन होता है।

प्रश्न 3. क्या पत्थर बनने के कोई जोखिम कारक होते हैं?

40 वर्ष की आयु से अधिक महिलाओं में पित्त की पथरी देखी जाती है। मोटापा, गतिहीन जीवन शैली, अत्यधिक वसा युक्त लेकिन रेशे की कम मात्रा वाले आहार, मधुमेह और पित्त की पथरी के पारिवारिक इतिहास कुछ सामान्य जोखिम कारक हैं।

प्रश्न 4. पित्त पथरी के लक्षण क्या हैं?

पित्ताशय की पथरी ऐसे किसी भी लक्षण का कारण नहीं हो सकती है, जहां इसे मौन या संयोग से पहचाने गए पथरी के रूप में जाना जाता है। अन्यथा आम लक्षण में पेट के दाहिने हिस्से में पंजर के नीचे दर्द होता है। यह दर्द गंभीर हो सकता है और पीठ या दाएं कंधे तक फ़ैल सकता है। रोगी को पेट में भारीपन, मतली और उल्टी का अनुभव होता है जो भोजन करने के ठीक बाद और ज्यादा हों जाता है। यदि पथरी पित्त नली में खिसकता है तो पीलिया या तेज बुखार हो सकता है।

प्रश्न 5. पित्त की पथरी के इलाज की किन्हें आवश्यकता है?

हर किसी को पथरी के इलाज की आवश्यता नहीं होती है। मूक पथरी को बारीक़ निरीक्षण में रखा जा सकता है। अन्य सभी रोगियों को जिन्हें पित्त की पथरी से संबंधित लक्षण (दर्द, बुखार, पीलिया, अग्नाशय में सूजन) अनुभव हुए हैं उन्हें चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए। पित्त की पथरी और पित्ताशय के कैंसर के इतिहास वाले व्यक्तियों और परिवारों को भी उपचार की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 6. पित्त की पथरी का इलाज क्या है?

पित्त की पथरी का उपचार आमतौर पर शल्यचिकित्सा द्वारा किया जाता है जिसमें पित्ताशय को शरीर से निकाल दिया जाता है (कोलेसीस्टेक्टॉमी)। यह एक लेप्रोस्कोपिक या कीहोल सर्जरी है जिसमें पेट में छोटे छेद के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की जाती है। पित्त की पथरी को खत्म करने के लिए आमतौर पर अन्य कोई उपचार प्रभावी नहीं होता है।

प्रश्न 7. क्या पित्त की पथरी बनने के जोखिम को कम किया जा सकता है?

हाँ!! एक उचित वजन बनाए रखना पित्त की पथरी को कम करने का सबसे सही तरीका है। नियमित व्यायाम और कम कैलोरी वाला आहार पथरी को दूर रखने में मदद करता है। भोजन को ना करने से बचें क्योंकि इससे पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा जो लोग अपना वजन कम करने का इरादा रखते हैं, वे इसे बहुत तेज़ी से नहीं करें। आपका लक्ष्य 500 ग्राम से 1 किलोग्राम/सप्ताह कम करना होना चाहिये।

डॉ. नीरज गोयल | क्लीनिकल लीड एंड सीनियर कंसलटेंट – गैस्ट्रोइंटेस्टिनल, मिनिमल एक्सेस, एचपीबी एंड बरिएट्रिक सर्जरी | धर्मशीला नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, दिल्ली

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