Categories: Neurosurgery

ब्रेन ट्यूमर और ब्रेन ट्यूमर का हाल में होने वाला प्रबंधन

ब्रेन ट्यूमर इंसानों के जीवन में सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाली बीमारी है। आमतौर पर, इसमें अत्यधिक सिरदर्द होता है, चक्कर आता है, व्यक्तित्व में परिवर्तन होता है और संतुलन बनाने में समस्या आती है। यह अप्रत्याशित होता है। इसके बारे में पहले से कुछ कहा नहीं जा सकता। यहां तक कि अगर समय पर इलाज नहीं किया गया तो बिनाइन ब्रेन ट्यूमर जानलेवा हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर इतना अधिक खतरनाक अपने होने वाले स्थान की वजह से माना जाता है। चूंकि मस्तिष्क का प्रत्येक भाग प्रासंगिक, महत्वपूर्ण और उपयोगी होता है, इसलिए ट्यूमर मस्तिष्क के चाहे किसी भी हिस्से में हो, वह रोगी को बहुत नुकसान पहुंचाने की बहुत ज्यादा क्षमता है। चूंकि ब्रेन खोपड़ी के भीतर रहता है, इसलिए इसके फैलने की किसी भी तरह की कोई गुंजाईश नहीं रहती है।

ब्रेन ट्यूमर का मतलब है मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि का होना है। ट्यूमर शरीर के अन्य भागों से शुरू होता है और बाद में मस्तिष्क में फैल जाता है जिसे घातक (मेटास्टैटिक) मस्तिष्क ट्यूमर के रूप में जाना जाता है। घातक ट्यूमर या कैंसर के ट्यूमर तेजी से बढ़ने वाले होते हैं जो आक्रामक भी होते हैं। जबकि दूसरी तरफ, बिनाइन ट्यूमर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और गैर-आक्रामक होते हैं।

ब्रेन ट्यूमर के प्रकार:

ब्रेन ट्यूमर के कुछ प्रकार निम्न होते हैं: –

  • एकाउस्टिक न्युरोमा
  • एस्ट्रोसाईंटोमा
  • ब्रेन मेटास्टेस
  • कोरॉइड प्लेक्सस कार्सिनोमा
  • क्रानियोफैरिनगियोमा
  • भ्रूण के ट्यूमर
  • एपेंडीमोमाँ
  • ग्लयोब्लास्टोमा
  • ग्लिओमा
  • मेडुलोब्लासटोमा
  • मेनिनगियोमा
  • ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा
  • बाल ब्रेन ट्यूमर
  • पाइनोब्लास्टोमा
  • पिट्यूटरी ट्यूमर

लक्षण:

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण इसके आकार, स्थान और विकास की दर पर निर्भर करते हैं। कुछ लक्षण इस प्रकार हैं: –

  • विभिन्न तरह के सिरदर्द
  • बहुत ज्यादा और लगातार सिरदर्द
  • उल्टी और मतली
  • दृष्टि संबंधी समस्याएं (धुंधली दृष्टि, दोहरी दृष्टि और कमजोर दृष्टि)
  • एक हाथ और पैर सुन्न पड़ना
  • शरीर का संतुलन बनाए रखने में दिक्कत होना
  • बोलने में कठिनाइयाँ
  • व्यवहार और व्यक्तित्व में बदलाव
  • सुनने में समस्याएं
  • बेहोशी, शरीर में अकडन

उपचार:

कुछ उपचार निम्न प्रकार के हैं:-

  1. सर्जरी: सर्जरी के दौरान, कुछ स्वस्थ ऊतकों के बीच के ट्यूमर को हटाया जा सकता है (इस प्रक्रिया को क्रैनियोटॉमी कहा जाता है)। एक ट्यूमर को हटाने से न्यूरोलॉजिकल लक्षण में सुधार हो सकता है, जो आगे के निदान के लिए ऊतक प्रदान करता है, और अन्य ट्यूमर के उपचार में काफी मदद करता है। न्यूरोसर्जन को मस्तिष्क और स्पाइनल कॉलम की सर्जरी में विशेषज्ञता प्राप्त होती है। सर्जरी में उपयोग की जाने वाली कुछ विधियाँ निम्न प्रकार की हैं:

कॉर्टिकल मैपिंग से डॉक्टर को मस्तिष्क के क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलती है जो इंद्रियों, बोलने की शक्ति और मोटर कौशल को नियंत्रित करते हैं।

बढ़ाया हुआ इमेजिंग डिवाइस डॉक्टर को ऐसे उपकरण देते हैं जो उन्हें सर्जरी की योजना बनाने में, सर्जरी करने में और और ट्यूमर का सही पता लगाने में मदद करता है। जैसे इमेज-गाइडेड सर्जरी (IGS)। हालांकि यह एक बहुत ही विशिष्ट तकनीक है और यह व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है।

सर्जरी के दिन सुबह रोगी को एमिनोलेवुलिनिक एसिड या फ्लोरोसेंट डाई दी जा सकती है। यह डाई ट्यूमर कोशिकाओं द्वारा सोख ली जाती है तब डॉक्टर ट्यूमर कोशिकाओं को देखने के लिए विशेष सूक्ष्मदर्शी और प्रकाश का उपयोग कर सकते हैं। फिर सटीकता के साथ ट्यूमर को सुरक्षित तरीके से निकाला जा सकता है।

सर्जरी में खोपड़ी का कुछ हिस्सा निकल जाता है। एक बार जब सर्जरी पूरी हो जाती है तो मरीज की हड्डी का कुछ हिस्सा खोपड़ी को ढकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

  1. रेडिएशन थेरेपी: ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए उच्च-ऊर्जा एक्स-रे के उपयोग को रेडिएशन थेरेपी के रूप में जाना जाता है। ब्रेन ट्यूमर के विकास को धीमा करने के लिए या बढ़ने से रोकने के लिए रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्रेन ट्यूमर का इलाज रेडिएशन थेरेपी से करने वाले विशिष्ट डॉक्टरों को रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट के रूप में जाना जाता है। एक्सटर्नल-बीम रेडिएशन थेरेपी सबसे आम प्रकार का रेडिएशन ट्रीटमेंट है जो मशीन से शरीर के बाहर दिया जाता है। जब रेडिएशन थेरेपी प्रत्यारोपण द्वारा दिया जाता है, तो इसे आंतरिक रेडिएशन थेरेपी या ब्रैकीथेरेपी कहा जाता है। बाहरी रेडिएशन थेरेपी के कुछ प्रकार निम्न हैं।
  • पारंपरिक रेडिएशन थेरेपी।
  • 3-आयामी अनुरूप रेडिएशन थेरेपी (3D-CRT).
  • तीव्रता-संग्राहक रेडिएशन थेरेपी (IMRT).
  • प्रोटॉन थेरेपी.
  • स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (गामा नाइफ, साइबरकेन, और मॉडिफाइड लीनियर एक्सेलरेटर)।
  • फ्रेकसंड स्टीरियोटैक्टिक रेडिएशन थेरेपी।
  1. मेडिकेशन थैरेपी: ट्यूमर थैरेपी के इलाज के लिए मेडिकेशन थैरेपी का इस्तेमाल कुछ समय के लिए किया जा सकता है। इस उपचार के लिए रक्तप्रवाह का उपयोग किया जाता है। न्यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट और मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट ट्यूमर के दवा उपचार के लिए विशेषज्ञ होते हैं। कीमोथेरेपी और टार्गेटेड थैरेपी दवा उपचार के प्रकार हैं।

खतरा:

प्राथमिक ब्रेन ट्यूमर के अधिकांश मामलों में, ट्यूमर का कारण का पता स्पष्ट रूप से नहीं चल पाता है। लेकिन कुछ कारक होते हैं जो इसके खतरे को बढ़ा सकते हैं।

  • किसी भी तरह के रेडिएशन के संपर्क में आने से।
  • ब्रेन ट्यूमर के पारिवारिक इतिहास से।

डॉ. मनरंजन जेना, सलाहकार – न्यूरोसर्जरीनारायणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, जेस्सर रोड, कोलकाता

Narayana Health

Recent Posts

Cyberchondria – How to cope with it

With the development of internet communication and information technology, we gained access to different levels…

3 days ago

Your Child’s Mental Health

Mental health is a topic we generally ignore due to some pre-existing dilemma. Emotional well-being…

6 days ago

Health benefits of Eggplant

Eggplant, aubergine, or brinjal is a perennial fruit of the nightshade family, making them a…

6 days ago

Get Monsoon Ready

The thought of rain brings childhood memories, children playing, various seasonal fruits, lots of sweets,…

1 week ago

Health Benefits of Grapes

Grapes are botanically berry fruit of the genus Vitis plants, which can be round, elongated,…

1 week ago

How to help your loved ones recover from the critical care unit

Critical care or intensive care is the medical supervision for people with severe life-threatening conditions…

1 week ago