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हियरिंग लॉस ट्रीटमेंट उपचार और कर्णावत (Cochlear) प्रत्यारोपण (Implant)

भारत में कितने लोग इसे प्रभावित हैं?

भारत में, 63 मिलियन लोग (6.3%) सिग्नीफिकेंट ऑडिटरी लॉस से पीड़ित हैं। हर 1000 बच्चों में से चार गंभीर से अति गंभीर हियरिंग लॉस से प्रभावित  हैं। भारत में एडल्ट ऑनसेट डेफ्नस का अनुमानित प्रसार 7.6% और बचपन में बहरापन 2% पाया गया है।

हियरिंग लॉस क्या है?

यह एक आम समस्या है फिर भी ज्यादातर लोग इस के बारे में अनजान रहते हैं। हियरिंग लॉस सुनने की क्षमता में कमी को बताता है।

हियरिंग लॉस के कारण क्या हैं?

यह सामान्य उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप हो सकता है, अत्यधिक शोर भी इसके कारणों में से एक है। ट्रैफिक शोर, लाउड म्यूजिक, नाइट क्लब का शोर ये सभी शोर के स्रोत हैं। ये निम्न कारण से भी हो सकता है –

  • आनुवंशिकता (Heredity) (जोखिम कारकों का अधिक होना)
  • संक्रमण
  • कुछ सिन्ड्रोम
  • दवाएं और कुछ एंटीबायोटिक्स, एंटीमरल दवाओं का सेवन
  • कानों को नुकसान
  • सिर पर चोट लगना
  • कान की विकृति या रुकावट
  • मस्तिष्क के ट्यूमर
  • शराब और तंबाकू
  • सॉल्वैंट्स
  • कोलेस्ट्रॉल

हियरिंग लॉस का इलाज कैसे किया जा सकता है?

हियरिंग लॉस का इलाज किया जा सकता है लेकिन हियरिंग को पूरी तरह से बहाल करना मुश्किल है।

  1. सक्शन उपकरण के माध्यम से कान से मोम निकालना
  2. हियरिंग एड्स – यदि हियरिंग लॉस का कारण भीतरी कान पर चोट है, तो इस उपकरण से हियरिंग लॉस का इलाज हो सकता है। आप एक ऑडियोलॉजिस्ट से परामर्श करें जो आपको उपयुक्त डिवाइस सुझा सकते हैं। ओपन फिट डिवाइस इन दिनों सबसे आम हैं।
  3. सर्जिकल प्रक्रियाएं – यदि हियरिंग लॉस असामान्य रूप से गठित कान की हड्डियों या आवर्तक मध्य कान के संक्रमण के कारण होता है तो छोटे सर्जिकल प्रक्रियाओं का उपयोग उनके इलाज के लिए किया जा सकता है। छोटे नलियों को संक्रमण जल निकासी के लिए संक्रमण के स्थान पर डाला जाता है।
  4. कोक्लीयर इम्प्लांट्स (Cochlear Implants) – यदि हियरिंग लॉस गंभीर है जिसे हियरिंग यंत्र द्वारा ठीक नहीं किया जा सकता, तो उपचार का यह तरीका लागू होता है। एक कोक्लीयर इम्प्लांट्स ऑडिटरी नर्व के साथ काम करता है। यह ऑडिटरी नर्व द्वारा पढ़ी जाने वाली ध्वनि तरंगों को बढ़ाता है और उन्हें मस्तिष्क तक पहुँचाता है।

क्या कोक्लीयर इम्प्लांट्स से कोई जोखिम जुड़ा है?

यह मामूली जोखिम से जुड़ी एक अत्यंत हानिरहित सर्जरी है

  • कान के माध्यम से अवशिष्ट सुनवाई का नुकसान
  • मेनिनजाइटिस (टीकाकरण उपलब्ध हैं)
  • चेहरे का पक्षाघात
  • संक्रमण
  • शेष मुद्दों

क्या ऑडिओमेट्री के अलावा कोई अन्य जाँच का तरीका उपलब्ध है?

हाँ, एक ईएनटी सर्जन द्वारा परीक्षण किया जाता है जैसे निदान के बाद

  • सीटी / एमआरआई
  • अन्य मनोवैज्ञानिक उपकरण

क्या मुझे कोक्लेयर इंप्लांट मिल सकता है?

हाँ, आप करा सकते हैं अगर –

  • आपकी हियरिंग लॉस दिन-प्रतिदिन के संचार में बाधा उत्पन्न. करती हो
  • आपका ऑडीओमेट्री परीक्षण से संकेत मिला हो
  • आप किसी भी तरह के शारीरिक परेशानी से घिरे न हों
  • आप पुनर्वसन सत्रों पर निवेश करने और सीखने के लिए तैयार हों
  • आप कोक्लेयर उपकरणों की सीमाओं से अच्छी तरह से वाकिफ हैं और फिर भी चाहते हों

कोक्लीयर इंप्लांट्स कैसे काम करता है?

ये एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं जो ध्वनि प्रोसेसर का उपयोग करता है, जो कान के पीछे बाहर की ओर लगा लगाया जाता है। यह प्रोसेसर, ध्वनि संकेतों को पकड़ता है और उन्हें त्वचा के नीचे प्रत्यारोपित रिसीवर के छोर तक पहुंचाता है। रिसीवर से संकेत आंतरिक कान में प्रत्यारोपित इलेक्ट्रोड में जाता है। संकेत फिर ऑडिटरी नर्व से होती हुई मस्तिष्क तक जाता है।

मस्तिष्क को इन संकेतों को पूरी तरह से समझने के लिए समय चाहिए। इम्प्लांट का अधिकतम लाभ उपयोग के एक वर्ष में प्राप्त किया जाता है।

क्या प्रक्रिया क़े दौरन दर्द होता है?

प्रक्रिया आमतौर पर सामान्य एनेस्थीसिया के प्रभाव में होता है, आंतरिक उपकरण के लिए कान के पीछे एक छोटा सा कट और इलेक्ट्रोड को थ्रेड करने के लिए कोक्लीय में एक छोटा छेद किया जाता है। सर्जरी में अधिकतम 2-4 घंटे लगते हैं। आपको उसी दिन छुट्टी दे दी जाती है।

क्या मैं उसी वक्त से सुनना शुरू कर दूंगा?

आमतौर पर घाव को ठीक होने के लिए उपकरण को 3-6 सप्ताह के लिए बंद कर दिया जाता है। उसके बाद डिवाइस को एक ऑडियोलॉजिस्ट द्वारा चालू किया जाता है, सर्वोत्तम संभव परिणाम के लिए जाँच की जाती है और समायोजित किया जाता है। इसके बाद आपको निर्देशों का एक सेट पालन करने के लिए दिया जाता है। पुनर्वास सत्र होते हैं जिसमें आपको अच्छे लाभ के लिए हिस्सा लेना चाहिए। आपके मस्तिष्क को पुन: सेट  होने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन जल्द ही आप सुनने और अंतर करने में सक्षम हो जाते हैं। ।

किस तरह से मदद मिलेगा?

  • संचार और इस तरह जीवन की गुणवत्ता में सुधार
  • शिशुओं और बच्चों के लिए अत्यधिक फायदेमंद है
  • होंठ पढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं
  • बोलने और अन्य ध्वनि के बीच अंतर कर पाएंगे
  • शोर और ध्वनि के बीच अंतर कर पाएंगे
  • दिशा का झुकाव
  • टीवी और फोन जैसे उपकरणों से सुनने की क्षमता

मैं समझता हूं कि सर्जरी आखिरी स्टैंड है, लेकिन सर्जरी से सिर्फ इसलिए बचना क्योंकि यह तकलीफदेह है, मेरी समझ से परे है। एक बहुत प्रसिद्ध व्यक्ति ने एक बार कहा था, जब तक समाधान संभव नहीं है, तब तक किसी भी चीज के बारे में रोना या हतोत्साहित मत हो,। समाधान आपके ठीक आगे है, आपको बस अमल करने की आवश्यकता है।

डॉ. सतीश कौल, डायरेक्टर और सीनियर कंसलटेंट – आंतरिक चिकित्सा, नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम

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