Categories: Neurology

स्ट्रोक प्रबंधन में न्यूरोसर्जरी की भूमिका

प्रारूप:

स्ट्रोक एक चिकित्सकिये स्थिति है जिसमें मस्तिष्क में रक्तसंचालन में रूकावट या कमी के वजह से मस्तिष्क की कुछ कोशिकाएं मर जाती हैं। एक बार मृत मस्तिष्क कोशिकाओं को फिर पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता।

स्ट्रोक के दो मुख्य प्रकार हैं:

  • इस्केमिक, रक्त प्रवाह की कमी के कारण, और
  • हिमर्ऐगिक मस्तिष्क के किसी एक विशिष्ट भाग में रक्तस्राव

इन दोनों प्रकार के स्ट्रोक के स्थिति में कुछ शारीरिक गतिविधियों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। रिकवरी आमतौर काफी धीमा होता है और ये  स्ट्रोक के कारण होने वाली क्षति की सीमा पर निर्भर करता है।

स्ट्रोक के बाद सर्जरी पर विचार:

ये जितना जटिल लगता है वास्तव में उतना ही जटिल होता भी है। क्या स्ट्रोक के बाद सर्जरी एक व्यावहारिक विकल्प है। सर्जरी जटिल और आपातकालीन स्थिति में सुझाया जाता है, जिसके परिणाम बेहद लाभकारी होते हैं। आप हमेशा इसके बारे में पढ़ सकते हैं और अपना निर्णय बनाने से पहले अपने न्यूरोसर्जन से बात कर सकते हैं। आइए हम आपकी मदद करें।

स्ट्रोक का सर्जिकल प्रबंधन:

  1. मैकेनिकल एम्बोलेक्टोमी – रक्त का थक्का जो रक्त के संचालन को अवरुद्ध कर रहा होता है, उसको सर्जरी से हटाया जाता है। यह एक एक्स-रे निर्देशित प्रक्रिया है जिसमें एक छोटी प्लास्टिक ट्यूब पैर की धमनी से मस्तिष्क तक ले जाया जाता है। इसे रुकावट को हटा देते हैं। यह एक तेजी से होने वाली प्रक्रिया है जिसमें लगभग 2 से 3 घंटे लगते हैं। आगे संकेतों के आधार पर 8 से 12 घंटों के भीतर कुछ और प्रक्रिया भी हो सकती है। अच्छे परिणाम के लिए इस सर्जरी का निर्णय ले सकते हैं। इसमें देर होने से जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
  2. हेमीक्रिनेक्टॉमी – गंभीर स्ट्रोक के मामले में मस्तिष्क में रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न होती है जिसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क में अत्यधिक सूजन हो जाता है। उस स्थिति में किसी व्यक्ति के खोपड़ी का आधा हिस्सा काट कर हटा देते हैं जिससे सूजे हुए टिशू को जगह मिल सके। खोपड़ी को संरक्षित रखते हैं और जब सूजन खत्म हो जाता है तब वापस जोड़ देते हैं। इस सर्जरी को आपातकालीन स्थिति और गंभीर स्ट्रोक के मामले में प्रयोग में लाया जाता है। इसमें रिकवरी सर्जरी के बाद हुए क्षति की सीमा पर भी निर्भर करता है।
  3. कैरोटिड एंजियोप्लास्टी और स्टेंट – यह उन लोगों को जिनको स्ट्रोक होने का अधिक खतरा होता है या इस्केमिक अटैक हो चूका हो को सुझाया जाता है। कैरोटिड धमनी मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति करती है। इस प्रक्रिया में धमनी में एक गुब्बारा डालकर फुलाकर उसको चौड़ा करते हैं और धमनी (एथेरोस्क्लेरोसिस) में होने वाले रूकावट को हटाते हैं। कुछ समय बाद, बैलून के आकार में बनाए रखने के लिए एक स्टेंट भी डाला जाता है, भले ही बैलून जगह पर हो। दोनों न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं हैं।
  4. कैरोटिड एंडेक्टेक्टॉमी – पारंपरिक सर्जरी जिससे रुकावट को दूर किया जाता है और धमनी को चौड़ा किया जाता है। बंद करने से पहले समुचित रक्त प्रवाह का आश्वासन दिया जाता है। यह प्रक्रिया रोक-थाम और उपचारात्मक दोनों तरह से की जा सकती है।
  5. सेरेब्रल रिवाइस्क्यूलेशन (बाईपास सर्जरी) – कैरोटिड या अवरुद्ध धमनी के बजाय एक नई धमनी उस हिस्से से जोड़ दी जाती है जहां रक्त की आपूर्ति की कमी होती है। सर्जरी के बाद मस्तिष्क सामान्य रूप से काम करने लग जाता है। यह रोकथाम या पोस्ट इनिशियल ट्रांसिएंट इस्कीमिक अटैक के रूप में उपचार का एक विकल्प हो सकता है।
  6. एन्यूरिज्म क्लिपिंग और कॉइल एम्बोलिज्म – एन्यूरिज्म एक बैलून जैसा उभार है जो धमनी के दीवार के कमजोर होने के कारण बनता है। यह मस्तिष्क में रक्त प्रबाह को अवरुद्ध करता है जिससे स्ट्रोक होता है।

एन्यूरिज्म को काट कर धमनी को कस दिया जाता है, इस प्रकार एन्यूरिज्म क्लिपिंग में रक्त प्रवाह बहाल किया जाता है। जिस व्यक्ति की सर्जरी हुई है उसे घाव भरने तकी  तक गहन देख भाल की आवश्यकता होती है अतः उन्हें कुछ समय तक आई सी यु में रहना पड़ सकता है।

कॉइल एम्बोलिज़ेशन बहुत हद तक मैकेनिकल एम्बोलिज़ेशन जैसा होता है जहाँ बैलून के जगह कॉइल का प्रयोग करते हैं। कॉइल को रक्त के थक्का बनाने वाले एन्यूरिज्म में ट्रांसफर कर दिया जाता है जिससे रक्त उसमें जमा हो जाता है। यह उसे फटने से बचता है।

स्ट्रोक व्यक्ति को नहीं बल्कि परिवार को प्रभावित करता है। आपको इस संदर्भ में उपलब्ध सभी विकल्पों के बारे में पता होना चाहिए और यह भी जानना चाहिए कि ये कैसे आपके और आपके प्रियजनों के जीवन के गुणवत्ता को बहाल करता है।

डॉ. अनुराग सक्सेना, सीनियर कंसलटेंट – न्यूरोसर्जरी, स्पाइन सर्जरीनारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम

Narayana Health

Recent Posts

Box Breathing

"Take a deep breath" is a common phrase people use to console others in anxiety…

1 week ago

Health benefits of Fenugreek seeds

Fenugreek seeds or methi seeds (Trigonella foenum-graecum) are an annual herb and use both as…

1 week ago

Dogs can help reduce stress in Children

It's no doubt that dogs are human's best friends, empathic partners, and most loyal beings.…

1 week ago

Omicron Subvariant – BA.2.75

We all know that the RNA virus of COVID-19 (SARS-CoV-2) is constantly mutating, and new…

1 week ago

Beware: Snoring is not a sign of Good Sleep!

Every one of us must have met people who snore, could be parents, spouse, relatives,…

1 week ago

Types of Knee Replacement Surgery

A knee replacement surgery may be the key to a healthier and more active lifestyle,…

1 week ago