प्रोस्टेट कैंसर क्या है?
प्रोस्टेट पुरुषों में एक अखरोट के आकार का ग्रंथि है जो वीर्य (seminal fluid) बनाता है और शुक्राणु (sperm) को पोषण जुटाता है। जब प्रोस्टेट ग्रंथि में कैंसर होता है, तो इसका विकास धीमी और सिमित हो सकता है, जिसे चिकित्सा सहायता की जरुरत नहीं होती या फिर यह गंभीर रूप से बढ़ सकता है और नजदीकी अंगों तक फैल सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर जब कम और सिमित रूप में होता है तब इसके उपचार की संभावना अधिक होता है। इस रोग का निदान केवल तभी हो सकता है जब इसकी पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो सके। स्क्रीनिंग के माध्यम से इसकी पहचान शुरुआती अवस्था में हो सकती है।
क्या मुझे प्रोस्टेट कैंसर के लिए जांच करवानी चाहिए?
इस विषय पर बहुत विचार और संवाद हुआ है जो ये सिद्ध करते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर स्क्रीनिंग आवश्यक और सहायक है। यह आंशिक रूप से सक्रिय निगरानी का विषय है, जिसका अर्थ है कि प्रोस्टेट कैंसर वाले एक वृद्ध व्यक्ति सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकता है, लेकिन कुछ प्रोस्टेट कैंसर बहुत तेजी से बढ़ते हैं और उस व्यक्ति के लिए खतरा बन जाते हैं। दोनों में अंतर नहीं किया जा सकता है। स्क्रीनिंग में होने वाली लागत जीवन के लिए खतरनाक कैंसर से कम है।
प्रोस्टेट कैंसर के चेतावनी के संकेत क्या हैं?
इन चेतावनी संकेतों के साथ समस्या यह है कि ये प्रारंभिक अवस्था में दिख सकते हैं या नहीं भी दिख सकते। अधिकांश प्रोस्टेट कैंसर का शुरुआत में पहचान करना मुश्किल है।इस संबंध में अमेरिकन कैंसर सोसायटी का एक विशिष्ट प्रोटोकॉल है जिसका पालन पूरी दुनिया में किया जाता है।
आपको जांच करवाने की आवश्यकता तभी है जब:
फिर भी, आपके डॉक्टर सलाह दे सकते हैं कि आपको स्क्रीन की जरूरत है या नहीं।
स्क्रीनिंग कैसे होता है?
2 तरह के परीक्षण चलन में है –
यदि उपरोक्त परीक्षणों में से किसी में प्रोस्टेट कैंसर का संदेह है, तो इसकी पुष्टि इनके द्वारा की जाती है
मैं 50 वर्ष का हूं, स्क्रीनिंग मेरे लिए क्यों नहीं है?
सिर्फ उम्र के वजह से आपको अधिक खतरा नहीं होता है। एथ्निसिटी जैसे अन्य कारक भी इसके लिए जिम्मेदार हैं जिनकी चर्चा ऊपर की जा चुकी है। इसके अलावा स्क्रीनिंग में कुछ तथ्यों छूट जा सकते हैं काफी महत्व के हो सकते हैं ठीक वैसे हीं कुछ अन्य चीजों का पता चल सकता है जो वैसे नुकशानदेह नहीं होते। ये तेजी से बढ़ते घातक ट्यूमर या धीमी गति से बढ़ते हानिरहित ट्यूमर के बीच अंतर नहीं कर पाते हैं। इसके ऊपर, इसका दुष्प्रभाव रोगी के जीवन के गुणवत्ता को कम कर सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर स्क्रीनिंग प्रोस्टेट कैंसर का शुरुआत में पता लगाने का एक उपलब्ध समाधान है. अपने आप के परिक्षण का निर्म निर्णय समझदारी से लें।इस संबंध में सारि जानकारी इकठा करें।
डॉ. अमित गोयल, कंसलटेंट – यूरोलॉजी, नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम
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